दिल्ली की एक अदालत ने राज्यसभा के पूर्व सदस्य विजय दर्डा और पूर्व कोयला सचिव एस सी गुप्ता को छत्तीसगढ़ में कोयला खंडों के आवंटन में हुई अनियमितताओं के मामले में दोषी ठहराया है। विशेष न्यायाधीश संजय बंसल ने दर्डा के बेटे देवेंद्र दर्डा और दो वरिष्ठ लोक सेवकों के एस क्रोफा और के सी सामरिया तथा जे एल डी येवतमाल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनोज कुमार जायसवाल को भी दोषी ठहराया है। अदालत ने इन लोगों को आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दोषी पाया है। इन लोगों की सजा की अवधि पर अदालत 18 जुलाई को दलीलें सुनेगी। कोयला घोटाला केंद्र में यूपीए सरकार के शासन में हुआ था जब डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। कोयला मंत्रालय भी उन्हीं के पास था।
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