सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है अगले पांच वर्षों में सरकार का फोकस विनिर्माण क्षेत्र में रहेगा क्योंकि इसमें रोजगार सृजन की काफी अधिक संभावनाएं हैं।
वे आज नई दिल्ली में नीति फॉर स्टेट्स प्लेटफॉर्म और विकसित भारत रणनीति कक्ष के उद्घाटन के पश्चात उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह बहुत संतोषजनक है कि आज देश के पास संपूर्ण डाटा संग्रह है और एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां सर्वोत्तम परिपाटियों को देखा जा सकता है और तुलना की जा सकती है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वर्तमान में देश का विकास चार स्तंभों पर आधारित है जिनमें भौतिक, डिजिटल, सामाजिक आधारभूत अवसंरचना, समावेशी विकास, विनिर्माण और सरलीकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विश्व के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा समावेशी विकास कार्यक्रम भारत में लागू किया जा रहा है।
देश में लगभग 51 करोड़ जन धन खाते खोले गए हैं जो यूरोप की कुल आबादी को लाभ प्रदान करने के समान है और लगभग 11 करोड़ गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश में लगभग 55 अरब मोबाइल फोन कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। दस साल पहले 98 प्रतिशत मोबाइल फोन का आयात होता था और अब 99 प्रतिशत मोबाइल फोन का विनिर्माण और निर्यात हो रहा है।
इस दौरान, अश्विनी वैष्णव ने समर्थ प्रशिक्षण मॉड्यूल भी लॉन्च किया। इससे जिला और खंड स्तर के अधिकारियों की योग्यता को प्रमाणित करने के लिए परीक्षण तंत्र विकसित होगा।
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि नीति फॉर स्टेट्स प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में से एक है। मंच से जुडे राज्यों की नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।