केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर प्रतिष्ठित विंग्स इंडिया-2024 और वैश्विक विमानन सम्मेलन का उद्घाटन किया। भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय उद्योग मंडल परिसंघ-फिक्की के साथ इस द्विवार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया है।
विंग्स इंडिया-2024 का आयोजन ‘अमृत काल में भारत को विश्व के साथ जोड़ने’ के लक्ष्य के साथ किया जा रहा है। इसमें देश के भावी उड्डयन क्षेत्र के लिए कार्य नीति और कार्य योजनाएं बनाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विमानन क्षेत्र की विभिन्न आयामी गतिविधियों में सहायता पहुंचाने का सरकार का संकल्प व्यक्त किया, ताकि इस क्षेत्र की संभावनाओं का दोहन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि नागर विमानन क्षेत्र लोगों से लोगों को जोड़ने और सामाजिक तथा आर्थिक प्रगति के साथ उनके जीवन में बदलाव लाने का सबसे उपयुक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का आदर्श कायम करने में सही मददगार है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार का एक अवसर सृजित होने से छह और अवसर पैदा होते हैं तथा नए ढांचे और नए हवाई अड्डों की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भारत ने शानदार प्रगति की है।
विमानन क्षेत्र की भावी योजनाओं का खुलासा करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश के प्रत्येक जिले में एक हवाई अड्डा या हवाई पट्टी स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश में विमान चालकों में 15 प्रतिशत महिला पायलट हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में करीब एक हजार ड्रोन दीदी प्रशिक्षित की जाएंगी और ग्रामीण इलाकों में विमानन ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस अवसर पर विंग्स इंडिया उडान-5 के तीसरे चरण के बोली कार्यक्रम के बारे में नॉलेज पेपर भी जारी किया। इसके अंतर्गत एयर बस-एयर इंडिया ने गुरूग्राम में विमान प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना के बारे में समझौते का आदान-प्रदान किया। इससे अगले 10 वर्षों में पांच हजार व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की संभावना है।
चार दिन तक चलने वाले विंग्स इंडिया-2024 के दौरान नई पीढी के विमानों के प्रदर्शन के साथ-साथ सहयोगी उड्डयन सेवाएं और पर्यटन क्षेत्र की प्रगति दर्शायी जाएगी। इस दौरान देश के भावी उड्डयन क्षेत्र की रणनीतिक रूप-रेखा पर भी विचार होगा।
एक सौ से अधिक देशों के डेढ हजार से अधिक प्रतिनिधि और पांच हजार व्यापार प्रतिनिधियों के कार्यक्रम में भाग लेने की आशा है। एक लाख से अधिक दर्शक भी इसमें शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान लगभग पांच सौ व्यापारिक बैठकें होंगी। विश्व के एक सौ 30 प्रदर्शक और 15 आतिथ्य केंद्र भी इसमें भाग ले रहे हैं। यह आयोजन इस महीने की 21 तारीख तक चलेगा।
