ऑनलाइन उपभोक्‍ताओं को अज्ञात लिंक और अनधिकृत वेबसाइटों से सतर्क रहने की चेतावनी

ऑनलाइन उपभोक्‍ताओं को अज्ञात लिंक और अनधिकृत वेबसाइटों से सतर्क रहने की चेतावनी

साइबर विशेषज्ञों और साइबर अपराधों से निपटने वाले अधिकारियों ने ऑनलाइन उपभोक्‍ताओं को अज्ञात लिंक और अनधिकृत वेबसाइटों से सतर्क रहने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों ने आज मुंबई में, मुंबई और गोवा के पत्र सूचना कार्यालय द्वारा साइबर सुरक्षा के बारे में आयोजित वेबिनार में इस बारे में लोगों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर गोवा से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी नितिन वालसन ने कहा कि लोगों को अज्ञात स्रोतों से सूचना डाउनलोड नहीं करनी चाहिए। अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और अनधिकृत वेबसाइटों पर क्लिक नहीं करना चाहिए वरना कंप्‍यूटर पर साइबर हमला हो सकता है। उन्‍होंने कहा कि अगर व्‍यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्‍तीय धोखाधडी हो जाए तो शीघ्र हेल्‍पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करनी चाहिए। www.cybercrime.gov.in. पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्‍होंने कहा कि ऐसा होने पर निकट के थाने में प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए और बैंक की संबंधित शाखा में उसकी प्रति जमा करानी चाहिए।

साइबर विशेषज्ञ रमेश बाबू ने कहा कि साइबर अपराध वैबसाइट, मेल या सोशल मीडिया एकाउंट हैक किए जाने तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि ट्रोजन, फिशिंग और वायरस जैसे हजारो मॉलवेयर, व्‍यक्तियों और संगठनों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार के साइबर प्रकोष्‍ठ ऐसे वेबिनार आयोजित करके साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक शोभित सक्‍सेना ने कहा कि लोगों को निशुल्‍क एंटीवायरस सॉफ्टवेयर और प्रमाणित किए बिना निशुल्‍क सूचना से हमेशा बचना चाहिए। समय-समय पर पिन और पासवर्ड बदलते रहने की आदत डालनी चाहिए। जन्‍म तिथि या अपने वाहन के नंबर को पासवर्ड नहीं बनाना चाहिए। हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पासवर्ड बहुत आसान न हो। उन्‍होंने चेतावनी दी कि अश्‍लील वेबसाइटों पर क्लिक करने से आर्थिक हानि के साथ प्रतिष्‍ठा भी धूमिल होने का खतरा है। ऐसे अपराधी लोगों को ब्‍लैकमेल करते हैं। उन्‍होंने सलाह दी कि अज्ञात वेबसाइटों से वेबसीरीज डाउनलोड न की जाए।

Related posts

Leave a Comment