उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए आज से राजधानी लखनऊ में इलेक्ट्रिक बसों का परीक्षण शुरू किया। बहुत जल्द राज्य के 14 शहरों में ये बसें चलने लगेंगी। परीक्षण के दौरान प्रतिदिन चार बसें लगभग 180 किलोमीटर तक चलेंगी। सफल परीक्षण के बाद 700 बसें चलनी शुरू हो जायेंगी।
इन एसी लग्जरी बसों में आरामदायक सीटें हैं। इनमें सुरक्षा के लिए जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और सीसीटीवी की व्यवस्था है। इन बसों में पैनिक बटन और ऑटोमैटिक दरवाजे लगे हैं।
इन बसों का किराया अन्य बसों के समान होगा। ये एक बार चार्ज करने के बाद 45 मिनट में 120 किलोमीटर तक चल सकती हैं।
इन बसों की चार्जिंग के लिए लखनऊ में 5 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से 14 शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की यह परियोजना लागू कर रही है। केंद्र सरकार के वित्तपोषण से 600 बसें लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ, झांसी, अलीगढ़, मुरादाबाद और बरेली में चलेंगी। मथुरा, वृंदावन, गोरखपुर और शाहजहांपुर में बसें चलाने के लिए राज्य सरकार धन देगी।
योजना का कुल बजट लगभग 965 करोड़ रुपये है जबकि बस ऑपरेटर को 45 लाख रुपये प्रति बस की सब्सिडी दी जाएगी।