इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के बीच संघर्ष में मृतकों की संख्या 1600 से अधिक हो गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इजरायल में 900 से अधिक लोग मारे गए, कम से कम 2600 घायल हुए और हमास ने अनेक लोगों को बंधक बना लिया हैं। फिलिस्तीन में 687 लोग मारे गये और 3726 घायल हुए हैं।
इजराइल ने गजा की पूर्ण घेराबंदी करने और भोजन, ईंधन तथा अन्य आपूर्ति रोकने को कहा है।इजराइल ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए तीन लाख आरक्षी बलों को काम पर बुला लिया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास पर बच्चों की हत्या और अन्य अत्याचारों का आरोप लगाते हुए उससे बदला लेने का प्रण लिया है। हमास ने कहा है कि चेतावनी दिए बिना फिलिस्तीनी आम नागरिकों को निशाना बनाया गया तो इजराइल बंधकों को मार दिया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतेरेस ने कहा है कि लगभग एक लाख 37 हजार लोगों ने संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी – यूएनआरडब्ल्यूए के शिविरों में शरण ली है। यह एजेंसी फिलिस्तीन में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।
यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि संघर्ष क्षेत्र में मानवीय स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। यूनिसेफ ने बच्चों और परिवारों को जीवनरक्षक सेवाएं और आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने की अपील की है। यूनिसेफ की कार्यपालक निदेशक कैथरीन रशेल ने सोमवार रात युद्ध के सभी संबंधित पक्षों को याद दिलाया कि ऐसे हालात में बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि गजा में बंधक बनाए गए बच्चों को तुरंत छोडा जाना चाहिए ताकि वे अपने परिवारों या देखभाल करने वालों से मिल सकें। उन्होंने गजा में बिजली, भोजन, ईंधन और पानी की आपूर्ति रोकने के उपायों के बारे में गंभीर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि ऐसा करने से बच्चों का जीवन खतरे में पड़ सकता है।