कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण की रफ्तार और दैनिक औसत खुराक के बारे में अखबारों ने अपने अपने आकलन दिये हैं। दैनिक ट्रिब्यून लिखता है- तीन करोड लोग कोरोना मुक्त। नवभारत टाइम्स ने आगाह करते हुए लिखा है- तीसरी लहर तय, लापरवाही पड़ेगी भारी। इसी खबर पर हिन्दुस्तान के शब्द हैं- सतर्क हो जाएं, तीसरी लहर दरवाजे पर। भीड़ जुटने पर दिल्ली के बाजारों को स्थानीय प्रशासन द्वारा बंद करवाने की खबर भी साथ ही है। जनसत्ता ने लिखा है- दुकानदारों को कोविड नियमों के पालन की सख्त चेतावनी।
पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री के आज होने वाले संवाद पर जनसत्ता ने लिखा है- पूर्वोत्तर के राज्यों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।
पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के चित्र भी अखबारों के पहले पन्ने पर है। कोरोना पाबंदियों के कारण दूसरे वर्ष भी शामिल नहीं हो सके आम लोग।
राजस्थान पत्रिका ने कई देशों में डेल्टा वैरिएंट के बेकाबू होने पर लिखता है- डेल्टा तमाम वैरिएंट पर भारी। पत्र ने लिखा है- लापरवाही न बरतें, पर्यटन और धार्मिक यात्राएं टालें, एक ही जगह पर एकत्रित होना तीसरी लहर का कारण बन सकता है।
चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 12 सितम्बर को और आज शाम पांच बजे से एन टी ए वेबसाइट पर आवेदन शुरू होने को भी अखबारों ने महत्व दिया है।
हरिभूमि की खबर है- सुप्रीमकोर्ट ने सलाह दी साफ और छोटा लिखें फैसला ताकि आम लोगों की समझ में आ सके।
आतंकवादी गतिविधियों के षड्यंत्र सामने आने पर राजस्थान पत्रिका नापाक इरादे शीर्षक से लिखता है- तीन हजार में तैयार कर रहे थे विस्फोटक, अलकायदा के मानव बम मॉड्यूल थे आतंकवादी।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से तबाही जैसे हालात को अखबारों ने चित्र के साथ दिया है। हरिभूमि ने इसे मॉनसून का रौद्र रूप बताते हुए लिखा है-गाडि़यां पत्तों की तरह बह गईं। उत्तराखंड में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित होने तथा कश्मीर में बाढ़ से प्रभावित राहत कार्यों में जुटे सेना के जवानों के चित्र दिये हैं।