अगले पांच वर्षों में केंद्र और राज्यों दोनों को मिलकर देश के परिवहन क्षेत्र को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम करना चाहिए: नितिन गडकरी

अगले पांच वर्षों में केंद्र और राज्यों दोनों को मिलकर देश के परिवहन क्षेत्र को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम करना चाहिए: नितिन गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अगले पांच वर्षों में केंद्र और राज्यों दोनों को ही देश के परिवहन क्षेत्र को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। आज बेंगलुरू में परिवहन विकास परिषद (टीडीसी) की 41वीं बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगले 5 वर्षों में ऑटोमोबाइल उद्योग को 7.5 लाख करोड़ से बढ़ाकर 15 लाख करोड़ करने के प्रयास किए जाने चाहिए, जिससे कि भारत पूरे विश्व में एक शीर्ष ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्र के रूप में सक्षम हो सके। उन्होंने कहा कि यह भारतीय में सड़क क्षेत्र के लिए सर्वोत्तम तकनीकों को अपनाने तथा सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा डिजिटल संपर्क रहित सेवाओं पर जोर दिए जाने से ही संभव है। नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदूषण और लागत कम करने के लिए सभी डीजल चालित बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदला जाना चाहिए। नितिन गडकरी ने कहा कि सभी हितधारकों को प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को पूरा करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के प्रति गंभीर और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाए जाने की आवश्यकता है और लोगों के अमूल्य जीवन को बचाने के लिए कड़े फैसले लेने होंगे।

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, गोवा, कर्नाटक, दिल्ली और तमिलनाडु के परिवहन मंत्रियों ने परिवहन विकास परिषद (टीडीसी) की 41वीं बैठक में भाग लिया। सड़कों के निर्माण, सार्वजनिक परिवहन, प्रौद्योगिकी अपनाने, सड़क सुरक्षा तथा सड़क परिवहन के विकास के प्रयासों पर मंत्रालय की पहल सभी राज्यों के मंत्रियों ने सराहना की। उन्होंने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 लाने और इसके त्वरित कार्यान्वयन के लिए नितिन गडकरी को बधाई भी दी। सभी मंत्रियों ने सड़क परिवहन, सड़क सुरक्षा और समर्थन परिवहन के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार के लिए अपने – अपने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा की गई विभिन्न पहलों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों को अपनाने और खरीदने, चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना, चालक प्रशिक्षण केन्द्रों, वाहन फिटनेस केन्द्रों इत्यादि जैसी विभिन्न चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री, जनरल (डॉ.) वी के सिंह, सचिव गिरिधर अरमाने तथा संयुक्त सचिव महमूद अहमद ने भी इस बैठक को संबोधित किया।

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