उच्चतम न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के पलायन और उनकी हत्याओं की जांच विशेष जांच दल से कराये जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। यह याचिका आशुतोष तापलू ने दायर की थी। उनके पिता टीकालाल तापलू की 33 साल पहले जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट-जेकेएलएफ के आतंकवादियों ने की थी।
1989 में आशुतोष तापलू की हत्या के बाद घाटी से कश्मीरी पंडितों का पलायन शुरू हुआ था। उनकी हत्या के बाद कश्मीरी पंडितों के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी निशाना बनाकर हत्या कर दी गई थी। शीर्ष न्यायालय ने याचिकाकर्ता को याचिका वापिस लेने की अनुमति दे दी है और मौजूदा कानूनों के तहत सुधारात्मक उपाय का विकल्प अपनाने को कहा है।