सर्वोच्च न्यायालय ने भ्रामक विज्ञापनों के मामले में पतंजलि आयुर्वेद के प्रबन्ध निदेशक आचार्य बालकृष्ण और सह-संस्थापक बाबा रामदेव को कडी फटकार लगाई है। न्यायालय ने कहा कि वह बालकृष्ण के हलफनामे से संतुष्ट नहीं है और उसमें दिये गये स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं करता है। शीर्ष न्यायालय ने आयुष मंत्रालय से पूछा कि ऐलोपैथिक दवाओं को कमतर दिखाने से जुडे विज्ञापनों के लिए पतंजलि के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। न्यायालय ने रामदेव और बालकृष्ण को एक सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर करने का अंतिम अवसर दिया है।
Related posts
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और परीक्षा से जुड़ी अहम बातें
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और परीक्षा...
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ी ताकत
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ी...
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की...