सरकार ने डाक घर बचत योजनाओं के लिए इस साल अप्रैल से जून की तिमाही के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने बताया है कि राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र-एनएससी पर सबसे अधिक ब्याज दर बढ़ाई गई है। यह सात प्रतिशत से बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गई है। सुकन्या समृद्धि बचत योजना पर अब ब्याज दर आठ प्रतिशत हो गई है, यह पहले 7.6 प्रतिशत थी। पीपीएफ और बचत जमा योजना पर ब्याज दर 7.1 और चार प्रतिशत है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बचत योजना पर आठ प्रतिशत की जगह 8.2 प्रतिशत की ब्याज मिलेगी। किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत हो गई है। किसान विकास पत्र की परिपक्वता अवधि 120 महीने से घटाकर 115 महीने कर दी गई है। एक वर्ष की समयावधि की बचत पर 6.6 प्रतिशत की जगह 6.8 प्रतिशत, दो वर्ष की समयावधि की बचत पर 6.8 प्रतिशत की जगह 6.9 प्रतिशत, तीन वर्ष की समयावधि की बचत पर 6.9 प्रतिशत की जगह सात प्रतिशत और पांच वर्ष के लिए सात प्रतिशत की जगह 7.5 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। पांच वर्ष की आवर्ती जमा पर नई तिमाही में 6.2 प्रतिशत की ब्याज मिलेगी। सार्वजनिक भविष्य निधि-पीपीएफ पर ब्याज दर यथावत 7.1 प्रतिशत है। बचत खाते पर भी ब्याज दर पहले की तरह चार प्रतिशत रहेगी। मासिक आय योजना पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 कर दी गई है। पिछली तिमाही में भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गई थी। छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरें तिमाही रूप से अधिसूचित की जाती हैं।
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