राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज पुणे ने 75 वर्ष के शानदार इतिहास में देश-विदेश में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सराहनीय कार्य किया है। राष्ट्रपति ने आज पुणे में सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रपति का निशान प्रदान किया।
राष्ट्रपति का निशान किसी भी सैन्य इकाई को प्रदान किए जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह राष्ट्रपति कलर के नाम से भी जाना जाता है। सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज इस वर्ष प्लेटिनम जुबली मना रहा है।
राष्ट्रपति ने इस कॉलेज की प्रगति में सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज से स्नातक महिला अधिकारियों ने सेना में वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारी संभाली जो अन्य महिलाओं के लिए आदर्श हैं। राष्ट्रपति ने इस कॉलेज से और उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने में कृत्रिम बुद्धि जैसी नई प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आग्रह किया। राष्ट्रपति ने कोरोना काल के दौरान इस संगठन के साहसी कर्मचारियों के कार्य की भी सराहना की।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर विशेष डाक टिकट और 75 रूपये का सिक्का भी जारी किया। उन्होंने कम्प्यूटेशनल मेडिसिन के लिए सशस्त्र बल केन्द्र प्रज्ञा का वचुर्अल माध्यम से उद्घाटन भी किया।
यह केन्द्र सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज को कृत्रिम बुद्धि के उपयोग से अत्याधुनिक स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र वैश्विक संस्थान बनाने में मदद करेगा।