शिवसेना के शिंदे गुट ने महाराष्ट्र विधानसभा उपाध्यक्ष द्वारा असंतुष्ट विधायकों को अयोग्य ठहराने के नोटिस को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। उच्चतम न्यायालय की अवकाश पीठ आज इस मामले की सुनवाई करेगी। एकनाथ शिंदे ने याचिका में उपाध्यक्ष को दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत सदस्यों को अयोग्य ठहराने से रोकने का निर्देश देने की अपील की है। साथ ही उपाध्यक्ष को पद से हटाने से जुड़े प्रस्ताव पर फैसला होने तक विधायकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को भी कहा है।
याचिका में शिंदे के स्थान पर अजय चौधरी को शिवसेना विधायक दल का नेता नियुक्त किए जाने को भी चुनौती भी दी गई है। एकनाथ शिंदे और शिवसेना विधायक दल में उनके सभी समर्थकों के परिजनों को संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश देने की भी अपील की है।
फिलहाल एकनाथ शिंदे 40 से अधिक अंसतुष्ट विधायकों के साथ गुवाहाटी में हैं।
स्थापना के बाद से अब तक के सबसे खराब संकट का सामना कर रही शिवसेना अपने चेहरे को और शर्मिंदगी से बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। हालांकि, उनके प्रयासों का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल रहा है। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत कल रात गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट में शामिल हो गए। सामंत को आदित्य ठाकरे का करीबी माना जाता है। बागी विधायकों को अयोग्यता पर नोटिस का जवाब देने की समय सीमा आज शाम 5.30 बजे समाप्त हो रही है और इससे राहत पाने के लिए एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री के कार्यालय ने कहा है कि राज्य पुलिस अलर्ट पर है। इस बीच, एकनाथ शिंदे ने कल रात एक नए ट्विटर पोस्ट में सवाल किया कि बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना उन लोगों का समर्थन कैसे कर सकती है जिनका मुंबई बम विस्फोट के दोषी, दाऊद इब्राहिम के साथ संबंध है। इसलिए उन्होंने अन्य विधायकों के साथ विद्रोह किया, ऐसा उन्होंने कहा है।