भारत और पाकिस्‍तान ने एक-दूसरे के कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया

भारत और पाकिस्‍तान ने एक-दूसरे के कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया

भारत और पाकिस्‍तान ने आज एक-दूसरे के यहां के कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया। भारत ने पाकिस्‍तान को अपनी कैद में 309 पाकिस्‍तानी नागरिकों और 95 मछुआरों की सूची सौंपी। पाकिस्‍तान ने भी अपनी कैद में 49 सामान्‍य नागरिकों और 633 मछुआरों की सूची भारत को दी। ये लोग भारतीय या भारतीय माने जा रहे हैं। ये दोनों सूचियां नई दिल्‍ली और इस्‍लामाबाद में एक साथ सौंपी गईं। एक समझौते के अंतर्गत 2008 के प्रावधानों के अन्‍तर्गत प्रति वर्ष एक जनवरी और एक जुलाई को दोनों देश इन सूचियों का आदान-प्रदान करते हैं।

भारत ने सामान्‍य कैदियों, लापता भारतीय रक्षाकर्मियों और मछुआरों को उनकी नौकाओं के साथ जल्‍द छोड़ने और उनका आदान-प्रदान करने का आह्वान किया है। पाकिस्‍तान से 536 भारतीय मछुआरों और तीन भारतीय सामान्‍य कैदियों को भारत को सौंपने को कहा गया है, जो पाकिस्‍तान में अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। इन लोगों की राष्‍ट्रीयता की पुष्टि हो गई है और पाकिस्‍तान को इससे अवगत करा दिया गया है। इसके अतिरिक्‍त पाकिस्‍तान से बाकी बचे हुए 105 मछुआरों और बीस सामान्‍य कैदियों तक तत्‍काल काउंसलर पहुंच उपलब्‍ध कराने को कहा गया है। ये लोग पाकिस्‍तान की कैद में हैं और समझा जाता है कि ये भारतीय हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत एक-दूसरे देश के कैदियों और मछुआरों समेत सभी मानवीय मुद्दों को सर्वोच्‍च प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत ने पाकिस्‍तान से यह भी अनुरोध किया है कि भारत की हिरासत में 57 पाकिस्‍तानी कैदियों और मछुआरों की राष्‍ट्रीयता की पुष्टि करने के संबंध में आवश्‍यक कार्रवाई की जाये। इन लोगों की वापसी राष्‍ट्रीयता की पुष्टि पर रूकी हुई है।

कोविड महामारी को देखते हुए पाकिस्‍तान से अनुरोध किया गया है कि वह सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

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