विश्वकप की लंबी खुमारी के बाद भारत और आस्ट्रेलिया की टीमें फटाफट क्रिकेट के लिए मैदान पर उतरने जा रही हैं। मेजबान टीम युवा खिलाड़ियों से सजी हुई है। सूर्य कुमार यादव की अगुवाई में टीम विश्वकप में मिली हार का बदला भी चुकाना चाहेगी। यशस्वी जायसवाल, रिंकु सिंह, तिलक वर्मा, जितेश शर्मा और मुकेश कुमार जैसे खिलाडियों की इस श्रृंखला में परीक्षा होगी।
आस्ट्रेलिया की टीम में कप्तान की भूमिका सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड के पास होगी। ग्लेन मैक्सवेल, एडम जम्पा और स्टीव स्मिथ भी टीम में शामिल हैं। इस श्रृंखला को भारतीय टीम की अगले साल होने वाली विश्वकप की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। इस श्रृंखला के जरिए टीम का खाका तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
टीम इंडिया को आईपीएल से पहले 11 ट्वेंटी-ट्वेंटी अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने हैं। इसके बाद विश्वकप खेला जाएगा। ऐसे में युवा खिलाडियों के लिए आने वाले दिन काफी महत्वपूर्ण रहेंगे, क्योंकि वे विश्वकप में जगह बनाने की कोशिश करेंगे। इस श्रृंखला में भारत के युवा बल्लेबाजों के साथ-साथ उभरते गेंदबाजों की भी परीक्षा होगी। कुल मिलाकर यह श्रृंखला भारत की भविष्य की टीम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।