तेल विपणन कंपनियों ने बड़े स्तर पर इथनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए इथनॉल की परिवहन दरों में संशोधन किया है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन तथा हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को राष्ट्रीय जैव ईंधन-2018 नीति में इथनॉल मिश्रित कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में इथनॉल का मिश्रण करना होता है। देश में उत्पादित इथनॉल को बड़े स्तर पर पेट्रोल में मिश्रित करने से भारत का आयात खर्च एक वर्ष में चार अरब अमरीकी डॉलर तक घट सकता है। केन्द्र सरकार ने 2023 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथनॉल मिश्रित करने का लक्ष्य तय किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 28 जून को एक मसौदा जारी किया था। इसमें ऐसे आटोमोबाईल के उत्पादन पर जोर दिया गया जिसमें 12 प्रतिशत और 15 प्रतिशत तक के इथनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा सके।
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