जी-20 देशों के ऊर्जा अंतरण कार्यसमूह की पहली बैठक आज से बेंगलूरू में शुरू हो रही है। ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह और संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहेंगे। तीन दिन की बैठक में जी-20 और नौ अतिथि देशों के डेढ़ सौ से अधिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
बैठक में, ऊर्जा अंतरण संबंधी तकनीक की कमी को दूर करने और कम लागत पर धन उपलब्ध कराने पर चर्चा होगी। चर्चा में, ऊर्जा सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ ऊर्जा की वैश्विक उपलब्धता पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। महत्वपूर्ण तकनीकों के उपयोग के लिए वैश्विक स्तर पर कम लागत पर धन उपलब्ध कराने तथा अनुसंधान और विकास के लिए सहयोग की संभावनाओं पर भी विमर्श होगा। बैठक में वर्ष 2030 तक ऊर्जा दक्षता को बेहतर बनाने और जैव-ऊर्जा के लिए कार्य योजना तैयार करने का प्रयास भी होगा।
जी-20 कार्य समूह की बैठक से अलग कार्बन के उपयोग और भण्डारन संबंधी एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की जा रही है। 7 फरवरी को प्रतिनिधिगण इंफोसिस के हरित भवन परिसर और पावागढ़ में मेघा सोलर पार्क भी जाएंगे, जहां उन्हें भारत में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक मिलेगी। बेंगलूरू से सुधीन्द्रा की रिपोर्ट के साथ समाचार कक्ष से कुमार राधारमण।