एनसीएमसी ने बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा बैठक की

एनसीएमसी ने बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा बैठक की

राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति – एनसीएमसी ने कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने की केन्द्रीय मंत्रालयों, एजेंसियों और राज्य सरकारों की तैयारियों की आज समीक्षा बैठक की।

भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक ने समिति को बंगाल की खाड़ी में बने गहरे विक्षोभ की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। यह विक्षोभ आज शाम तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके कल शाम तक उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों पर पहुंच जाने की संभावनाएं हैं। इसके प्रभाव से 75 से 85 किलोमीटर प्रतिघंटा हवाएं चलने की आशंका है। यह हवाएं 95 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार भी पकड़ सकती है। तूफान के प्रभाव से राज्यों के तटीय जिलों में तेज बरसात होने की आशंका है। इसके प्रभाव में आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापतनम तथा ओडिशा के गंजम और गजपति जिले आने की संभावना है। ओडिशा और आंध्रप्रदेश के सचिवों ने समिति को तूफान से निपटने की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। इन राज्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 18 दल तैनात किए गए हैं और अन्य दलों को तैयार रखा गया है। सेना और नौसेना के बचाव और राहत दल तथा पोत और विमान भी तैनात किए गए हैं।

राजीव गौबा ने कहा कि राज्यों सरकारों और सभी एजेंसियों को चक्रवाती तूफान के आने से पहले सभी सुरक्षात्मक कदम उठाने चाहिए। इनका उद्देश्य किसी भी तरह की जान का नुकसान नहीं होने और संपदा तथा बुनियादी ढांचे का कम से कम नुकसान नहीं होना सुनिश्चित करना चाहिए। कैबिनेट सचिव ने सभी राज्य सरकारों को आश्वस्त किया कि केन्द्रीय एजेंसियां उनकी मदद के लिए तैयार हैं।

समीक्षा बैठक में ओडिशा और आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव, गृहमंत्रालय और बिजली मंत्रालय के सचिव और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

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