देश के सभी हवाई अड्डों पर अंतराष्ट्रीय उड़ानों के कुल यात्रियों में से दो प्रतिशत यात्रियों का कल से औचक कोविड परीक्षण किया जाएगा। नागर विमानन मंत्रालय ने देश में कोरोना के नए रूप का संकट कम करने के लिए यह निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने संसद में बताया कि सरकार विश्व में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी उपाय कर रही है।
अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेश से आने वाले हवाई यात्रियों के टू पर्सन कोविड आरटीपीसीआर रैंडम सैम्पलिंग भी शुरू कर दी गई है। माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के समस्त नेतृत्व में भारत पहले से ही अमल में टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-वैक्सीनेशन कोविड एप्रोप्रिएट बीहैवियर का पालन नीति के साथ कोविड मैनेजमेंट कर रहा है, उसे आगे भी चालू रखेंगे।
डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार देश में कोविड संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुए पूरी तरह से तैयार है।
हम तैयार हैं आने वाले दिनों में एक्सपर्ट कमेटी ने उसको अनुमोदित कर दिया है, नेशनल वैक्सीन को, वह भी आ जाएगा तो उसमें कोई इंजेक्शन लेना नहीं है, नोज में ड्रॉप डाल देना है, आप सेक्योर हो गए। कोविड के सामने लड़ने के लिए पूरी तैयारी हमने की है। वायरस बार-बार म्यूटेड होता रहता है और आने वाले दिनों में भी ये क्राइसेस आगे बढ़े तो सारा देश एक होके फर्स्ट और सेकंड वेब का जैसे सामना किया है, वैसा सामना कर सके, इसलिए पूरी तैयारी भारत सरकार की ओर से हमने कर लिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने नागर विमानन सचिव राजीव बंसल को लिखे पत्र में कहा है कि प्रत्येक उड़ान में इन यात्रियों की पहचान संबंधित विमानन कम्पनी करेगी और ये सभी यात्री अलग-अलग देशों से होने चाहिए। इन यात्रियों को कोविड परीक्षण के बाद ही हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति मिलेगी। संक्रमित होने की स्थिति में उनकी रिपोर्ट एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम और संबंधित राज्यों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।