संसद में राष्ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्थान संशोधन विधेयक 2021 पारित

संसद में राष्ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्थान संशोधन विधेयक 2021 पारित

संसद ने राष्‍ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्‍थान संशोधन विधेयक 2021 पारित कर दिया है। राज्‍यसभा ने आज विधेयक को मंजूरी दी। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है।

विधेयक में छह अतिरिक्‍त राष्‍ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्‍थानों को राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थान के रूप में घोषित करने के लिए 1998 के मूल अधिनियम को संशोधित करने का प्रावधान किया गया है। ये संस्‍थान अहमदाबाद, हाजीपुर, हैदराबाद, कोलकाता, गुवाहाटी और रायबरेली में हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री डॉक्‍टर मनसुख मांडविया ने राज्‍यसभा में विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए कहा कि राष्‍ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्‍थान देश में औषध क्षेत्र को सुदृढ बनाने और इस क्षेत्र में अनुसंधान को बढावा देने की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण है। श्री मांडविया ने कहा कि सरकार ने महामारी से लडने के लिए टीका अनुसंधान और विनिर्माण क्षेत्रों को सुविधाएं प्रदान की हैं।

देश में बनी औषधियों का महत्‍व उजागर करते हुए उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में किये गये प्रयासों की बदौलत सरकार, देश की 85 प्रतिशत आबादी को कोविड रोधी पहला टीका और 52 प्रतिशत को दूसरा टीका लगाने में सफल रही है।

इससे पहले, विधेयक पर चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस के नीरज डांगी ने कहा कि औषध अनुसंधान और शिक्षा पर ध्‍यान दिया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा कि सभी संस्‍थानों में आरक्षण सुनिश्‍चित करना चाहिए।

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