संसद में केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2023 पारित; तेलंगाना में सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना होगी

संसद में केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2023 पारित; तेलंगाना में सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना होगी

संसद ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2023 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे मंजूरी दी है। लोकसभा ने पिछले सप्ताह इस विधेयक को पारित कर दिया था। विधेयक केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 में संशोधन करेगा, जो विभिन्न राज्यों में शिक्षण और अनुसंधान के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करेगा। विधेयक में तेलंगाना में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रावधान है जिसका नाम ‘सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय’ होगा। यह मुख्य रूप से भारत की जनजातीय आबादी के लिए उच्च शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं का मार्ग प्रशस्‍त करेगा।

विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विश्वविद्यालय देश के जनजातीय समुदायों से संबंधित मामलों पर शोध का केंद्र होगा। उन्होंने विपक्षी सदस्यों के इस आरोप को खारिज कर दिया कि सरकार दोबारा इतिहास लिख रही है। उच्च शिक्षा संस्थानों में ड्रॉपआउट पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार ने पिछले पांच वर्षों में ड्रॉपआउट का विश्लेषण किया है। विश्लेषण के अनुसार सामान्य वर्ग में एक दशमलव पांच-तीन प्रतिशत, अन्‍य पिछड़ा वर्ग में एक दशमलव पांच-एक प्रतिशत, अनुसूचित जाति वर्ग में एक दशमलव चार-सात प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति वर्ग में एक दशमलव दो-नौ प्रतिशत छात्रों ने आईआईटी में पढ़ाई छोड़ी है। उन्‍होंने कहा कि ज्यादातर छात्र दूसरे विकल्प ढूंढते हैं और कुछ छात्र पारिवारिक और स्वास्थ्य कारणों से भी अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं।

जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार जनजातीय समुदायों के लोगों के लिए शैक्षिक अवसरों में सुधार के लिए प्रयास कर रही है।

आल इंडिया अन्ना डी एम के से एम. थंबीदुरई, तृणमूल कांग्रेस के डोला सेन, बीजू जनता दल के प्रशांत नंदा, भाजपा के सदानंद शेट तनावडे, टीडीपी के कनकमेडला रविंद्र कुमार, भारत राष्‍ट्र समिति के बी0 लिंगैया यादव, वाईएसआरसीपी के विजयसाई रेड्डी सहित अन्य सांसदों ने चर्चा में भाग लिया।

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