संसद ने पूरक अनुदान मांगों के पहले भाग को अनुमति दे दी है और सरकार को वर्तमान वित्त वर्ष में कुल अतिरिक्त तीन लाख 25 हज़ार करोड़ रूपये खर्च करने की अनुमति भी दी गई है। राज्यसभा ने आज चर्चा के बाद विनियोग विधेयक संख्या चार और पांच लोकसभा को लौटा दिए गए। चर्चा का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न उपायों को स्पष्ट किया और कहा कि केन्द्र अर्थव्यवस्था में मुद्रा स्फीति की प्रवृत्तियों पर पैनी नज़र रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि थोक मुद्रा स्फीति कम होकर पांच दशमलव आठ-पांच प्रतिशत पर आ गई है जो कि 21 महीनों में सबसे कम है, और थोक खाद्यान मुद्रा स्फीति भी गिरकर दो दशमलव एक-सात प्रतिशत हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन-रूस संघर्ष से प्रभावित ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति श्रृखंला से उत्पन्न चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने और लोगों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चति करने के लिए अतिरिक्त अनुदान मांगे की गई हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के प्रति सरकार के लक्षित दृष्टिकोण से देश में मंदी की गिरफ्त में आए बिना आर्थिक वृद्धि को बहाल करने में देश को मदद मिली।
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