देश में इस वर्ष अक्तूबर तक फाइव-जी सेवाएं शुरु करने की तैयारी पूरी है। संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कल शाम नई दिल्ली में भारतीय टेलीग्राफ अधिकार नियम, 2016 में संशोधन जारी करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य तेजी से फाइव-जी लागू करने के लिए दूर संचार संबंधी बुनियादी ढांचा तैयार करना है।
संचार मंत्री ने कहा कि सुचारू फाइव-जी सेवाओं के लिए चार बुनियादी घटक हैं- स्पेक्ट्रम आवंटन, अधिकार नियम अनुमति में सुधार, सहकारी संघवाद और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन और तालमेल का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
स्पेक्ट्रमकी प्रोबलम सोल्व हुई, आरओ लगने की प्रोबलम सोल्व हुई। जितने स्टेट गवरमेंट्स को साथ में लेना था वो साथ आये और अब तेजी से रोलआउट करने की तैयारी चल रही है। सारे के सारे टेलीकॉम, सर्विस प्रोवाइडर्स अपना इक्युपमेंट लगाना, इक्युपमेंट को प्रोपली ट्यूनप करना। जगह-जगह नये जो भी इंस्टालेशन्स करने, इंस्टालेशन्स करने में लगे हुए हैं। और होपफुली बाय अक्टूबर 5जी वी शूड बी लॉचिंग और इसके बाद में बहुत रेपिड स्केलअप करेंगे।
संचार मंत्री ने कहा कि एकीकृत तरीके से बुनियादी ढांचा विकास की प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि के अनुरूप गतिशक्ति संचार पोर्टल इस वर्ष मई में शुरू किया गया था। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली तथा रेलवे और राजमार्ग जैसे प्रमुख केन्द्रीय मंत्रालयों को इस पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे फाइव-जी सेवाएं लागू करने की पूरी तैयारी हो सके।