विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कल न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से अलग भारत तथा लातिन अमरीकी और कैरेबियाई देशों के समूह- सेलेक की बैठक में भाग लिया। डॉक्टर जयशंकर ने भारतीय पक्ष का और सेलेक का प्रतिनिधित्व ग्वाटेमाला, त्रिनिदाद और टौबैगो और कोलम्बिया तथा अर्जेटीना के विदेश मंत्रियों ने किया। बैठक में व्यापार और वाणिज्य, कृषि, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ, टीका उत्पादन, पारम्परिक औषधि और साजो-सामान क्षेत्र में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने परस्पर हित के क्षेत्रीय और बहु-पक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया तथा संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कल रात न्यूयार्क में संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, मिस्र और क्यूबा के विदेश मंत्रियों के साथ भी बातचीत की। संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री अब्दुल्लाह बिन ज़ायद अल नहयान के साथ बैठक के दौरान डॉ. एस. जयशंकर ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक भागीदारी की समीक्षा की। उन्होंने वैश्विक स्थिति के बारे में श्री नहयान के आकलन और पैनी दूरदृष्टि की सराहना की। डॉ. एस. जयशंकर ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्री रेतनो मरसूदी के साथ भी बैठक की और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने मिस्र के विदेश मंत्री सामेह शौकरी से भी मुलाकात की और सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यापक बातचीत की। डॉ. जयशंकर ने ट्वीट में कहा है कि रक्षा, व्यापार और निवेश क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंध मजबूत हो रहे हैं और हरित हाईड्रोजन तथा अमोनिया और शिक्षा जैसे नये क्षेत्रों में सहयोग से ये संबंध और मजबूत होंगे। विदेश मंत्री ने क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रॉड्रिग्स परिल्ला के साथ भी बैठक की और कैरिबियाई द्वीपीय राष्ट्रों के साथ संबंध मजबूत करने पर चर्चा की। डॉ. जयशंकर अमरीका की 11 दिन की यात्रा पर हैं।