विदेश मंत्री डॉ.एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रलियाई सीमा को फिर से खोलने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय विद्याार्थियों और वीज़ा धारकों को ऑस्ट्रेलिया लौटने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया पूर्ण टीकाकरण वाले पर्यटकों और सभी वीज़ा धारकों के लिए सीमाओं को लगभग दो साल बाद खोलने के लिए तैयार है जिसे कोविड महारमारी के कारण बंद कर दिया गया था।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मैरिस पेन के साथ मेलबर्न में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में डॉ. जयशंकर ने कहा कि इससे भारत में ऑस्ट्रेलिया लौटने का इंतज़ार कर रहे विशेषकर विद्यार्थियों, अस्थायी वीज़ा धारकों और परिवार जन से अलग हुए लोगों को राहत मिलेगी।
विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सार्थक, उपयोगी और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। डॉ जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों ने परस्पर, क्षेत्रीय और वैश्विक भागीदारी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने कोविड महामारी से निपटने में अपने अनुभव एक-दूसरे को बताए और दूसरे मित्र देशों को विशेषकर टीके के जरिए सहायता देने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने अधिक विश्वसनीय और परिस्थितियां सहने में सक्षम आपर्ति श्रृंखला बनाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यापक और समावेशी वृद्धि सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है।
विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग की प्रगति के बारे में भी चर्चा की जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक संबंधों का प्रतीक है। दोनों नेताओं ने आतंकवाद और उग्रवाद के बारे में चिंताएं व्यक्त कीं। डॉ जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्ष सीमा पार से आतंकवाद जारी रहने पर चिंतित हैं और कहा कि बहुपक्षीय मंचों सहित आतंकवाद से निपटने में सहयोग सुदृढ करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों ने पहली साइबर फ्रेमवर्क वार्ता संपन्न कर ली है। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रेमवर्क वार्ता पिछले वर्ष जून में हुए वर्च्युअल शिखर सम्मेलन का परिणाम है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने संबंधों को समग्र रणनीतिक साझेदारों के रूप में बढ़ाया था। पहली भारत-ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्री साइबर फ्रेमवर्क वार्ता में साइबर प्रशासन, साइबर सुरक्षा, क्षमता निर्माण, नवाचार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और साइबर तथा महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्ते का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया गया। इस सिलसिले में बेंग्लूरू में सेंटर फॉर इक्सीलेंस तथा इमर्जिंग टेक्नॉलिजी पॉलिसी स्थापित किया जाएगा। डॉ. जयशंकर ने बेंगलूरू में महावाणिज्य दूतावास खोलने की ऑस्ट्रेलिया की इच्छा का स्वागत किया। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर परस्पर सहयोग सुदृढ करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने ‘मैत्री’ स्कॉलर कार्यक्रम की घोषणा की जिसके अंतर्गत ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए भारतीय विद्यार्थियों को चार साल के लिए 1 करोड़ 10 लाख डॉलर से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मैरिस पेन ने कहा कि क्वाड समूह किसी के विरूद्ध नहीं है बल्कि इसका बहुत ही सकारात्मक एजेंडा है।
