विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 भारत का आंतरिक मामला है। यह भारत की समावेशी परंपराओं और मानवाधिकारों के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दर्शाता है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि यह अधिनियम अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है।
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