विदेश मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक समुदाय के सभी गंभीर और विवेकशील सदस्यों की अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, विशेषतौर पर सीमापार आतंकवाद, से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका और जिम्मेदारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची जर्मनी और पाकिस्तान के विदेशमंत्रियों के हाल में ही संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान जम्मू-कश्मीर के संबंध में उनकी टिप्पणियों के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। अरिंदम बागची ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ऐसे आतंकवादी अभियानों का दशकों से शिकार रहा है और अभी भी यह बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वहां और भारत के अन्य हिस्सों में विदेशी नागरिक भी इससे प्रभावित रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और एफएटीएफ भयानक 26 ग्यारह मुंबई आतंकवादी हमले में शामिल रहे पाकिस्तान के आतंकवादियों के मामले में कार्रवाई कर रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि जब राष्ट्र ऐसे खतरों की निहित स्वार्थों के कारण पहचान नहीं करते हैं तो वे शांति को नजरअंदाज करते हैं और इसे प्रोत्साहित नहीं करते। उन्होंने कहा कि वे आतंकवाद के पीडितों के प्रति भी गंभीर अन्याय करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा वैश्विक समुदाय के सदस्यों की सीमापार आतंकवाद, से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका