यूरोपीय संघ के वैज्ञानिकों ने कहा है कि वर्ष 2022 यूरोप में दूसरा सबसे गर्म वर्ष रहा। इसकी वजह से फसल उत्पादन में कमी आई, नदियां सूख गई और हजारों लोगों की मृत्यु हुईं। यूरोपीय संघ के कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा-सी3एस ने कहा है कि वर्ष 2022 विश्व का पांचवां सबसे गर्म वर्ष भी था। यूरोप में काफी गर्मी पडी और तापमान पिछले तीन दशकों में वैश्विक औसत से दो गुना से अधिक रहा। कई पश्चिमी यूरोपीय देशों में गर्मियों में तापमान के रिकार्ड टूट गए, गर्म हवाएं चलीं और कई भागों में सूखे की स्थिति बन गई थी।
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