लोकसभा ने केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर – दूसरा संशोधन विधेयक 2023 पारित कर दिया है। विधेयक में केंद्रीय वस्तु और सेवा कर अधिनियम 2017 में संशोधन का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार अपीलीय ट्राइब्यूनल स्थापित कर सकेगी।
इसमें ट्राइब्यूनल के अध्यक्ष की आयु 67 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष और सदस्यों की आयु 65 वर्ष से बढ़ाकर 67 वर्ष किए जाने का प्रावधान है। ट्राइब्यूनल में एक अध्यक्ष, एक न्यायिक सदस्य और दो तकनीकी सदस्य होंगे। विधेयक में कम से कम 10 वर्ष के अनुभव वाले वकीलों को न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि जीएसटी से अर्थव्यवस्था में सुधारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी विधेयक में इसलिए संशोधन लाया गया है क्योंकि भारत के मुख्य न्यायाधीश ने अपनी प्रशासनिक क्षमता के अंतर्गत, सेवा शर्तों के कुछ पहलुओं पर वित्त मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के नेतृत्व में बनी समिति, ट्राइब्यूनल के अध्यक्ष और तकनीकी तथा न्याययिक सदस्यों की चयन प्रक्रिया की निगरानी करेगी। भाजपा के निशिकांत दुबे, बीजू जनता दल की शर्मिष्ठा सेठी, शिवसेना के धैर्यशील माने और वाईएसआर कांग्रेस के श्रीकृष्ण देवरालायु लाउ ने भी विधेयक पर चर्चा में भाग लिया।