रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि रक्षा शिपयार्ड भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राजनाथ सिंह ने आज मुंबई में रक्षा शिपयार्ड पर परामर्श समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा शिपयार्ड सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता के साथ समय पर अपने उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रक्षा शिपयार्ड द्वारा विकसित किए गए प्लेटफार्म की हाल के दिनों में कई देशों ने प्रशंसा की है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा शिपयार्ड प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का एक उदाहरण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शिपयार्ड नौसेना और तटरक्षक बल से उनकी आवश्यकताएं जानने के लिए विचार-विमर्श और सलाह मशवरा जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारत की समुद्री सीमा सुरक्षित बनाए रखने के लिए आधुनिक पोतों को अत्याधुनिक शस्त्रों से लैस करना समय की आवश्यकता है।
राजनाथ सिंह ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने तीन हजार सात सौ वस्तुओं के उत्पादन का स्वदेशीकरण करने का संकल्प लिया है और इसे पूरा करने में रक्षा शिपयार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में भी रक्षा शिपयार्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में नौ हजार करोड़ रूपये का उत्पादन हुआ है और तकरीबन एक हजार करोड़ रूपये का लाभ भी अर्जित किया गया है। उनकी मौजूदा ऑर्डर बुक में 82 हजार करोड़ रूपये के ऑर्डर हैं। राजनाथ सिंह ने उम्मीद जताई कि रक्षा शिपयार्ड अपने आप को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अद्यतन करते रहेंगे और मेड-इन-इंडिया उत्पादों के निर्यात पर ध्यान केन्द्रित करेंगे।
रक्षा मंत्री ने बैठक में मौजूद सांसदों से शिपयार्ड का दौरा करने और अपने सुझाव देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह सुझाव भारतीय तटीय सुरक्षा के लिए लाभदायक सिद्ध होंगे। बैठक में अधीर रंजन चौधरी, फारूक अब्दुल्ला, सौगत राय, मनीष तिवारी, रजनी पाटिल, अनिल देसाई और सुदीप बंदोपध्याय तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।