रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज अरुणाचल प्रदेश के तवांग में सेना की अग्रिम चौकी पर सैनिकों के साथ दशहरा मनाया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज अरुणाचल प्रदेश के तवांग में सेना की अग्रिम चौकी पर सैनिकों के साथ दशहरा मनाया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज अरुणाचल प्रदेश के तवांग में सेना की अग्रिम चौकी पर सैनिकों के साथ दशहरा मनाया। उन्‍होंने इस अवसर पर शस्‍त्र पूजा भी की। रक्षा मंत्री ने अरुणाचल प्रदेश में अग्रिम चौकियों का दौरा किया और सेना की तैयारियों का मूल्‍यांकन भी किया। उन्‍होंने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमा पर कठिन परिस्थितियों में तैनात सैनिकों की दृढ़ भावना, अटल प्रतिबद्धता और अदम्‍य साहस के प्रति सम्‍मान भी व्‍यक्‍त किया।

उन्‍होंने कहा कि पूरे देश को सशस्‍त्र सेनाओं के प्रति गर्व है और सम्‍पूर्ण राष्‍ट्र उनके साथ खड़ा है। अपने संबोधन में उन्‍होंने सशस्‍त्र सेनाओं के वीर जवानों की सत्‍य और न्‍याय के प्रति निष्‍ठा को विजयादशमी के पर्व की भावना का सजीव साक्षी बताया। रक्षामंत्री ने यह भी कहा कि सशस्‍त्र सुरक्षा बलों की वीरता और प्रतिबद्धता उन प्रमुख कार्यों में से एक है, जिनके आधार पर भारत का क़द अंतर्राष्‍ट्रीय मंचों पर बढ़ा है और यह विश्‍व के सर्वाधिक शक्तिशाली देशों में एक हो गया है।

वर्तमान वैश्विक परिदृश्‍य को ध्‍यान में रखते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की सुरक्षा व्‍यवस्‍था को मजबूत करने के अलावा और कोई विकल्‍प नहीं है। उन्‍होंने इस बात का भी उल्‍लेख किया कि सरकार स्‍वदेशी उपकरणों के उत्‍पादन के जरिए देश की सैन्‍य शक्ति को मजबूत करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्‍व में रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। रक्षामंत्री ने कहा कि पहले हम सेना की शक्ति को अद्यतन करने के लिए उपकरणों के आयात पर निर्भर थे, लेकिन अब बहुत से प्रमुख हथियार और उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि विदेशी कंपनियों की अपनी प्रौद्योगिकी साझा करने और घरेलू उद्योगों के साथ मिलकर उत्‍पादन करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा है। वर्ष 2014 में रक्षा संबंधी निर्यात लगभग 1000 करोड़ रुपए का था। लेकिन अब हम हजारों करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहे हैं। रक्षामंत्री ने तवांग युद्ध स्‍मारक का भी दौरा किया और 1962 के युद्ध में वीरगति प्राप्‍त करने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। थल सेना अध्‍यक्ष जनरल मनोज पांडेय, पूर्वी कमान के जनरल ऑफीसर कमाण्डिंग इन चीफ लेफ्टीनेंट जनरल आर.पी. कलिता, जनरल ऑफीसर कमाण्डिंग, चौथी कोर के लेफ्टीनेंट जनरल मनीष ऐरी और सेना के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी इस अवसर पर मौजूद थे।

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