रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि इस समूचे क्षेत्र की समृद्धि और शांति भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों लोकतांत्रिक देशों के हित में है। आज नई दिल्ली में भारत और ऑस्टेलिया की टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद राजनाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिस पायने और रक्षा मंत्री पीटर डटन से द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। राजनाथ सिंह ने बताया कि रक्षा सहयोग और महामारी से निपटने के लिए विभिन्न संस्थागत कार्य-संरचनाओं पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान, हिंद-प्रशांत महासागर में समुद्री सुरक्षा, बहुपक्षीय सहयोग और अन्य मुद्दों पर चर्चा की। राजनाथ सिंह ने बताया कि दोनों देशों ने नियम आधारित व्यवस्था और उच्चस्तरीय संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी मुक्त, खुले, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र की एक-समान परिकल्पना पर आधारित है।
डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने कोविड महामारी से निपटने के लिए भावी सहयोग पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस बातचीत से, विकेन्द्रीकृत वैश्विकरण, रणनीतिक स्वयत्ततर और राष्ट्रीय सुरक्षा की अच्छी समझ सहित कई मुद्दों पर प्रासंगिक नतीजे सामने आए हैं। डॉ. जयशंकर ने बताया कि वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया। अफगानिस्तान पर प्रमुखता से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया इस बात पर सहमत थे कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प 2 5 9 3 द्वारा निर्देशित द़ृष्टिकोण में एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज अमरीका पर 9/11 के आतंकी हमले की 20वीं वर्षगांठ है और यह आतंकवाद से कोई समझौता किये बिना उससे निपटने की आवश्यकता की याद दिलाती है। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों के लिए महत्वकांक्षी कार्य संरचना निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सुरक्षित और लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखालाएं बनाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
डाक्टर जयशंकर ने कहा कि पिछले वर्ष चार जून को पहले भारत-ऑस्ट्रेलिया वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री आपसी संबंधों को व्यापक रणनीतिक भागीदारी तक बढाने पर सहमत हुए थे। उन्होंने कहा कि टू प्लस टू बैठक उसी शिखर वार्ता का सीधा परिणाम है।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिस पायने ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुक्त, खुला और सुरक्षित हिंद-प्रशांत महासागर के प्रति भारत और ऑस्ट्रेलिया का एकसमान दृष्टिकोण है। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के भविष्य पर मुख्य रूप से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद दोनों देशों के लिए एक बडा खतरा है। मारिस पायने ने कहा कि यह सुनिश्चित करने में दोनों देशों का एकसमान हित है कि अफगानिस्तान फिर कभी आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह न बनें। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों चाहते हैं कि अफगानिस्तान छोडने के इच्छुक नागरिकों, विदेशी नागरिकों, अन्य देशों के वीजा धारकों को सुरक्षित निकाला जाए। उन्होंने बताया कि टू प्लस टू वार्ता में दोनों देशों ने दक्षिण चीन सागर और पूर्व चीन सागर की चुनौतियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री पीटर डटन ने कहा ऑस्ट्रेलिया और भारत के प्रधानमंत्रियों के बीच व्यापक रणनीतिक भागीदारी पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों के रक्षा संबंध ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र में एक महान शक्ति बन रहा है। उन्होंने कहा कि अमरीका पर आतंकी हमलों की वर्षगांठ आतंकवाद की बर्बरता की याद दिलाती है।