भारत समुद्रयान मिशन के अंतर्गत खनिजों जैसे ससाधनों का पता लगाने के लिए एक अभियान शुरू कर रहा है। इसमें तीन लोग समुद्र में 6 हजार मीटर की गहराई में जाकर अनुसंधान करेंगे। पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पनडुब्बी मत्स्य 6000 तीन लोगों को समुद्र में ले जाएगा। इस मिशन के अगले तीन वर्षों में साकार होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि समुद्रयान को राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई ने विकसित किया है। सामान्य प्रचलन स्थिति में 12 घंटे तक चलने की क्षमता है तथा किसी आपातस्थिति में मानव सुरक्षा के लिए 96 घंटे तक चलने की क्षमता है। डॉ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 और 2022 में स्वतंत्रता दिवस संबोधन में डीप ओशन मिशन का जिक्र किया था। केंद्र ने पांच साल के लिए डीप ओशन मिशन के वास्ते चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के बजट को मंजूरी दी थी। अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार के ‘नए भारत’ के दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है जो विकास के दस प्रमुख आयामों में से एक के रूप में नीली अर्थव्यवस्था को उजागर करता है।
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