केंद्रीय जहाजरानी, पत्तन और जल मार्ग मंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने कहा है कि भारत, रूस के साथ पूर्वी समुद्री गलियारे में निर्बाध समुद्री व्यापार सुविधा विकसित और सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। चेन्नई में समुद्री गलियारे को चालू करने से संबंधित भारत रूस की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि भारत किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने में सक्षम है। उन्होंने ये भी कहा कि देश में आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।
सर्वानन्द सोनोवाल ने कहा कि भारत इस जलमार्ग पर व्यापार और सुरक्षा के लिए अधिकतम प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित मंत्रालय इस दिशा में आवश्यक कदम उठा रहे हैं ताकि गलियारे में सुविधाएं प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि इससे भारत को बड़े पैमाने पर अवसर प्राप्त हुए हैं और इससे विवादों के समाधान में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर रूस के सुदूर पूर्व और आर्थिक क्षेत्र के विकास से संबंधित विभाग के उप-मंत्री अनातोली बोब्राकोब ने कहा कि रूस इस समुद्री मार्ग पर ध्यान केंद्रित कर रहा है क्योंकि यह अधिक लंबे समय तक चलने वाला है। उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति ने 2035 तक उत्तरी समुद्री मार्ग के विकास की योजना को लागू कर दिया है। इससे इस क्षेत्र में माल ढुलाई में काफी बढोतरी होगी।
