भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन-ओआईसी की आलोचना करते हुए कहा है कि भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का उसे कोई अधिकार नहीं है। भारत ने कहा कि संगठन को निहित स्वार्थ के लिये अपने मंच के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
असम की एक घटना पर ओआईसी के बयान के बारे में मीडिया के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत को खेद है कि ओआईसी ने एक बार फिर देश के आंतरिक मामलों में टिप्पणी की है और असम की घटना के बारे में गलत और गुमराह करने वाला बयान जारी किया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय प्राधिकरणों ने इस मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई की है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार ऐसे सभी अनाधिकृत बयानों को खारिज करती है और आशा करती है कि भविष्य में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की जाए।