रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल निकोले पेत्रुशेव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आज नई दिल्ली में अफगानिस्तान के बारे में उच्चस्तरीय बातचीत की। इसके बाद भारत की यात्रा पर आए रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। डॉक्टर जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि अफगानिस्तान के बारे में उपयोगी बातचीत हुई है। रूस के सुरक्षा सलाहकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
सूत्रों के अनुसार दोनों देशों ने अफगानिस्तान की राजनीतिक, सुरक्षा संबंधी तथा मानवीय स्थिति, जैश-ए-मोहम्मद तथा लश्कर-ए-तएबा की आतंकी गतिविधियों, नशीले पदार्थों से उत्पन्न खतरों और क्षेत्र के देशों की भूमि पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने वर्तमान और भावी खतरों से निपटने में भारत-रूस सहयोग और संकट से जूझ रहे अफगानिस्तान को सहायता दिए जाने के उपायों पर भी चर्चा की ।
अफगानिस्तान से अमेरिकी सेनाओं के निकलने और तालिबान द्वारा सत्ता पर कब्जा होने से उत्पन्न परिस्थितियों के बारे में विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने अफगानिस्तान में राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग बढाने के बारे में भी विचार-विमर्श किया। आतंकवाद, विशेषकर तालिबान द्वारा अपने वायदों और आश्वासनों को निभाए जाने के बारे ,में भी भारत और रूस की एक समान चिंता है।
पिछले महीने की 24 तारीख को प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद दोनों देशों द्वारा शिष्टमंडलीय विचार-विमर्श का आयोजन किया गया है। दोनों नेताओं ने विचार व्यक्त किया कि दोनों ही सामरिक भागीदारों को मिल-जुलकर कार्य करना चाहिए और इस संबंध में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अफगान मुद्दे की जानकारी होनी चाहिए।