फिनलैंड के राष्ट्रपति सौली नीनिस्टो ने रविवार को कहा कि उनका देश उत्तर अटलांटिक संधि संगठन-नेटो की सदस्यता के लिए आवेदन करेगा। यूक्रेन में रूसी सैन्य कार्रवाई के कारण फिनलैंड की नीति में यह ऐतिहासिक बदलाव है। रूस और फिनलैंड की 1300 किलोमीटर लंबी सीमा साझी हैं। रूस ने कहा है कि 30 देशों के सैन्य संगठन नेटो में शामिल होना फिनलैंड की गलती होगी और यह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध के लिए हानिकारक होगी।
इससे पहले सौली नीनिस्टो और फिनलैंड की प्रधानमंत्री साना मारिन ने गुरूवार को कहा था कि वे दोनों नेटो की सदस्यता के पक्ष में हैं। सौली नीनिस्टो ने शनिवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात कर फिनलैंड के फैसले से अवगत कराया।
सौली नीनिस्टो ने तुर्की के राष्ट्रपति तैयिब एरदोगन से बातचीत की इच्छा व्यक्त है। तुर्की ने नोर्डिक देशों के नेटो में शामिल होने पर आपत्ति जताई है। नेटो का सदस्य होने के कारण तुर्की इस आवेदन को वीटो कर सकता है।