प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किये जा रहे लगातार प्रयासों की सराहना की

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किये जा रहे लगातार प्रयासों की सराहना की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना, भारतीय प्रतिभा में हमारे विश्वास की भी पुष्टि करता है।

प्रधानमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ट्वीट को साझा किया है, जिसमें रक्षा मंत्री ने 70,500 करोड़ रुपये के प्रस्तावों और वित्त वर्ष 23 में 2.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी खरीद को मंजूरी देकर, जहां 99 प्रतिशत आपूर्ति भारतीय उद्योगों से की जानी है; भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का उल्लेख किया है। इस ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया;

“रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा, भारतीय प्रतिभा में हमारे विश्वास की पुष्टि भी है।”

A boost to self-reliance in defence, also reaffirming our faith in Indian talent. https://t.co/igjPfcjk3P

— Narendra Modi (@narendramodi) March 17, 2023

केंद्र ने विभिन्न हथियार प्रणालियों की खरीद के लिए 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने रक्षा बलों के लिए विभिन्न हथियारों की खरीद के लिए साढे 70 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में परिषद की बैठक आज नई दिल्ली में हुई। इसमें नौसेना के लिए स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल, शक्ति इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और समुद्री यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की खरीद के 56 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्‍ताव शामिल हैं।

रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ब्रह्मोस मिसाइल की इस अतिरिक्त खरीद से समुद्री हमले और एंटी-सरफेस वारफेयर ऑपरेशन क्षमता में बढोतरी होगी। यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों की खरीद खोज और बचाव कार्यों, हताहतों की निकासी और आपदा राहत में नौसेना की क्षमता को बढ़ाएगी। शक्ति इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली विरोधियों के किसी भी नौसेना संचालन का मुकाबला करने के लिए नौसेना के जहाजों को आधुनिक बनाएगी।

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