प्रधानमंत्री मोदी ने कहा – भारत, ‘मेक इन इंडिया – मेक फॉर वर्ल्‍ड’ मंत्र के साथ रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बनने के लिए काम कर रहा है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा – भारत, ‘मेक इन इंडिया – मेक फॉर वर्ल्‍ड’ मंत्र के साथ रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बनने के लिए काम कर रहा है

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज कहा कि काफी लम्‍बे समय से भारत विश्‍व में अधिक हथियार खरीदने वाले देशों में से एक रहा है, लेकिन आज भारत का मंत्र है- मेक फॉर द वर्ल्ड के लिए मेक इन इंडिया। भारत अब अपने सैन्‍य बलों को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि इस दिशा में झांसी एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री मोदी राष्‍ट्र रक्षा समर्पण के समापन समारोह को सम्‍बोधित कर रहे थे, जो आज झांसी में सम्‍पन्‍न हुआ। इस समारोह में राष्‍ट्र के लिए प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में कई पहल की घोषणा की।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत की शक्ति बढ़ रही है। उन्‍होंने कहा कि सैनिक स्‍कूलों को देश की रक्षा करने के लिए युवाओं को तैयार करने पर विशेष ध्‍यान देना चाहिए। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि सैनिक स्‍कूल बालिकाओं को रानी लक्ष्‍मीबाई की तरह बहादुर बनाएंगे। उन्‍होंने कहा कि अब भारत अपने सशस्‍त्र बलों को रक्षा उत्‍पाद निर्माण में आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने रानी लक्ष्‍मीबाई को सलाम करते हुए कहा कि झांसी की धरती शौर्य की प्रतीक है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्‍य रक्षा से सम्‍बंधित 90 प्रतिशत उत्‍पाद और सामग्री स्‍वदेशी बनाए जाएं। उन्‍होंने कहा कि भारत रक्षा उत्‍पाद के निर्माण में विश्‍व पर अपनी निर्भरता में कमी लाने की दिशा में कार्यरत है।

हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सशस्‍त्र बलों को स्‍वदेश में डिजाइन किए गए और विकसित उपकरण सौंपे जोकि रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन उपकरणों में हिन्‍दुस्‍तान एअरोनॉटिक्‍स लिमिटेड द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया हलका लड़ाके हैलीकॉप्‍टर- एलसीएच, भारतीय स्‍टार्टअप द्वारा डिजाइन और विकसित ड्रोन और मानव रहित एरियल वाहन- यूएवी और डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किए गए तथा भारत इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स द्वारा निर्मित, नौसेना के जहाजों के लिए उन्‍नत इलेक्‍ट्रॉनिक युद्धक सूट शामिल हैं।

एलसीएच में प्रभावी लड़ाकू कार्यों के लिए उन्‍नत प्रौद्योगिकीयां और रडार से बच निकलने के उपाय शामिल हैं। भारतीय सशस्‍त्र बलों द्वारा भारत में निर्मित यूएवी की तैनाती भारतीय ड्रोन उद्योग की पारिस्‍थितिकी की बढ़ती परिपक्‍वाता का प्रमाण है।

Related posts

Leave a Comment