प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज नई दिल्ली में मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूरे होने पर योजना के लाभार्थियों से बातचीत करेंगे। यह संवाद सुबह 9 बजे से शुरू होगा।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत अब तक 32 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 52 करोड़ से ज्यादा ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में इस योजना को गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि, लघु और सूक्ष्म उद्यमों को दस लाख रुपये तक के जमानत-मुक्त ऋण प्रदान करने के लिए शुरू किया था। इसका उद्देश्य वित्तीय समावेशन को सुविधाजनक बनाना और उद्यमियों को सशक्त बनाना है।
2015 में शुरू हुई मुद्रा योजना ने आज 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस योजना के अंतर्गत तीन तरह के ऋण दिए जाते हैं। इसमें शिशु जिसमें ₹50000 तक का ऋण, किशोर के लिए ₹500000 और तरुण के लिए 10 लाख रुपए तक का ऋण शामिल है। मुद्रा योजना में लगभग 70 फ़ीसदी मुद्रा ऋण महिला उद्यमियों ने लिए हैं, जिससे उनकी वित्तीय स्वतंत्रता बढ़ी है और लैंगिक समानता में योगदान मिला है। इस योजना ने हाशिये पर पड़े समूहों को भी उद्यमिता के जरिए अपनी आजीविका चलाने में सक्षम बनाकर उनमें आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा दिया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उद्यमियों को लगभग 50 फ़ीसदी से ज्यादा ऋण मिले हैं।