प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज ओडिशा में शिलान्यास और आठ हजार करोड़ रुपए से अधिक लागत की रेल परियोजना का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लोकार्पण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुरी और हावड़ा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ी को रवाना किया। यह रेलगाड़ी पांच सौ से अधिक किलोमीटर की दूरी ओडिशा में खोर्धा, कटक, जाजपुर, भद्रक, बालासोर जिलों और पश्चिम बंगाल में मेदनीपुर और पूरबा जिलों से होकर गुजरेगी। यह रेलगाड़ी यात्रियों को तीव्र, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराएगी और यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। यह पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। यह रेलगाड़ी 20 मई से नियमित रूप से चला करेगी। यह वंदे भारत रेलगाड़ी सप्ताह में छह दिन चलेगी। यह सुबह छह बजकर दस मिनट पर हावड़ा से रवाना होकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर पुरी पहुंचेगी और वापसी में पुरी से दोपहर बाद एक बजकर 50 मिनट पर रवाना होकर हावड़ा में रात आठ बजकर 30 मिनट पर पहुंचेगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस आधुनिक भारत और लोगों की आकांक्षाओं का प्रतीक बन गई है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत से देश की गति और प्रगति प्रदर्शित होती है। प्रधानमंत्री ने कहा वंदे भारत स्वदेशी प्रौद्योगिकी से देश में बनी रेलगाड़ी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश अपनी प्रौद्योगिकी विकसित कर रहा है और नई सुविधाएं देश के दूरदराज के इलाकों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि अवसंरचना न केवल लोगों के जीवन को आसान बनाती है बल्कि समाज को सशक्त भी बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के तीव्र विकास के लिए राज्यों का संतुलित विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत, विपरीत वैश्विक स्थितियों के बावजूद अपनी वृद्धि की दर कायम रखे हुए है।
प्रधानमंत्री ने पुरी और कटक रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए शिलान्यास किया। पुनर्विकसित स्टेशनों पर सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी और यहां रेलयात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा में रेल नेटवर्क के शत-प्रतिशत विद्युतीकृत भाग का लोकार्पण किया। उन्होंने संबलपुर-तितलागढ़ रेल लाइन के दोहरीकरण, मनोहरपुर-राउरकेला-झारसुगुड़ा-जांगा के बीच नई ब्रॉडगेज रेल लाइन तथा बिच्छुपली-झारतरभा के बीच नई बॉ़र्डगेज रेल लाइन का भी लोकार्पण किया। इनसे यातायात की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा। ओडिशा में इस्पात, विद्युत और खनन क्षेत्र में तीव्र औद्योगिक विकास के कारण यातायात बढ़ रहा है। इन रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ के कारण दबाव में कमी लाने में मदद मिलेगी।