नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर को ड्रोन के इस्तेमाल की मंजूरी दी

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर को ड्रोन के इस्तेमाल की मंजूरी दी

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईएसईआर) भुवनेश्वर को मानव रहित विमान प्रणाली (यूएएस) नियम, 2021 से सशर्त छूट दी है। इस छूट से संस्थान को ड्रोन का इस्तेमाल करके, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सहयोग से केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारकों के हवाई सर्वेक्षण और फोटोग्रामेट्री की मंजूरी मिली है।

राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के लिए ड्रोन संचालन हेतु मंजूर किए गए स्थलों में भुवनेश्वर स्थित राजा-रानी मंदिर और लिंगराज मंदिर शामिल हैं। यह छूट मंजूरी की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक, इनमें से जो भी पहले हो, के लिए वैध है और यह नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के नियमों और शर्तों के अधीन होगी।

इस महीने के शुरुआत में, हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय (डीयूएलबी) को भी अमृत (अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन) शहरों के विकास और हिसार, पंचकुला एवं अंबाला शहरी क्षेत्रों की संपत्ति कर सर्वेक्षण के उद्देश्य से डेटा अधिग्रहण, मानचित्रण और वेब-आधारित जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) प्लेटफॉर्म के कार्यान्वयन के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की मंजूरी दी गयी थी।

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