प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े वैश्विक स्तर पर परीक्षा की ऐसी घड़ी में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और दमदार क्षमता को दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट किया: ‘‘दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े वैश्विक स्तर पर परीक्षा की ऐसी घड़ी में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और दमदार क्षमता को दर्शाते हैं। हम अधिक-से-अधिक अवसर सृजित करने, गरीबी का तेजी से उन्मूलन करने, और अपने देशवासियों के लिए ‘जीवनयापन को और ज्यादा आसान’ बनाने के लिए तेज गति से विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
2023-24 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान
2023-24 की दूसरी तिमाही में स्थिर (2011-12) कीमतों पर वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ₹ 41.74 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि 2022-23 की दूसरी तिमाही में यह 38.78 लाख करोड़ रुपये था जो 2022-23 की दूसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत की तुलना में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
2023-24 की दूसरी तिमाही में नॉमिनल जीडीपी या सकल घरेलू उत्पाद ₹71.66 लाख करोड़ होने का अनुमान है, जबकि 2022-23 की दूसरी तिमाही में यह 65.67 लाख करोड़ रुपये था, जो कि 2022-23 की दूसरी तिमाही के 17.2 प्रतिशत की तुलना में 9.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
अप्रैल-सितंबर 2023-24 (एच1 2023-24) में स्थिर (2011-12) कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान 82.11 लाख करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 76.22 लाख करोड़ रुपये था, जो 2022-23 की पहली छमाही में 9.5 प्रतिशत के मुकाबले 2023-24 पहली छमाही (एच1) में 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मौजूदा कीमतों पर 2023-24 की पहली छमाही में जीडीपी 142.33 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 131.09 लाख करोड़ रुपये थी, जो 2022-23 की पहली छमाही के 22.2 की तुलना में 2023-24 की पहली छमाही में 8.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
