केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली आबाकरी नीति मामले में जांच जारी है और किसी भी आरोपी को क्लीनचिट नहीं दी गई है। सी.बी.आई. ने कहा कि इस मामले में एक आरोपी दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का भ्रामक बयान जांच से ध्यान हटाने की कोशिश है।
सीबीआई ने मनीष सिसोदिया के इस आरोप का खण्डन किया कि सीबीआई के प्रभारी कानूनी उप-सलाहकर जितेन्द्र कुमार ने उनके खिलाफ बेबुनियाद मामला दायर कराने के दवाब के कारण आत्महत्या की। जांच एजेंसी ने कहा कि मनीष सिसोदिया का आरोप द्वेषपूर्ण और गुमराह करने वाला है। सी.बी.आई. ने स्पष्ट किया कि जितेन्द्र कुमार आबकारी मामले की जांच से जुड़े नहीं थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जितेन्द्र कुमार ने अपने सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
दिल्ली विधानसभा में मामले को उठाने वाले बीजेपी विधायक विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सीबीआई की जांच जारी है। उससे पहले क्लीन चिट मिलने का सवाल ही नहीं उठता है।
सीबीआई जांच कर रही है सेन्ट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन। वो इतने गंभीर मामले में इसको मैं हस्तक्षेप मानूंगा कि सीबीआई की कारवाई में, कानूनी कारवाई में हस्तक्षेप मानूंगा। और ये एक और बड़ा गंभीर अपराध है कि झूठ फैलाकर वो इस जांच को डिरेल करना चाहते हैं और सब अपने आप ही क्लीन चिट दे दी और फिर साथ में यह भी कहते हैं कि आज तो हमें गिरफ्तार किया जाएगा। ऐसा तो नहीं हो सकता। कानून का राज है यहां।