थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर करीब तीन वर्षों में पहली बार कम होकर शून्य से नीचे आ गई है। जुलाई 2020 के बाद पहली बार थोक महंगाई दर शून्य से नीचे दर्ज की गई है। कीमतों में गिरावट के कारण अप्रैल महीने में थोक महंगाई दर कम होकर शून्य से दशमलव नौ दो प्रतिशत नीचे आ गई। मार्च में यह एक दशमलव तीन चार प्रतिशत थी। पिछले वर्ष अप्रैल में थोक महंगाई दर 15 दशमलव तीन आठ प्रतिशत के स्तर पर थी। थोक महंगाई दर में लगातार ग्यारहवें महीने गिरावट दर्ज की गई है।
खाद्य उत्पादों, खनिज तेलों, कपड़ा, गैर खाद्य वस्तुओं, प्रमुख धातुओं, रसायन और रासायनिक उत्पादों, रबर और प्लास्टिक उत्पादों तथा कागज की कीमतों में कमी के कारण महंगाई दर में गिरावट दर्ज हुई है।
