ट्राइफेड कल ‘उत्तर पूर्व क्षेत्र जनजातीय उत्पाद संवर्धन’ (PTP-NER 2.0) योजना के दूसरा चरण का शुभारंभ करेगा

ट्राइफेड कल ‘उत्तर पूर्व क्षेत्र जनजातीय उत्पाद संवर्धन’ (PTP-NER 2.0) योजना के दूसरा चरण का शुभारंभ करेगा

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ट्राइफेड) 21 सितंबर, 2023 को ‘उत्तर पूर्व क्षेत्रीय जनजातीय उत्पाद संवर्द्धन’ (पीटीपी-एनईआर 2.0) योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करेगा जो 10 नवंबर, 2023 तक चलेगा। इस चरण में, उत्तर पूर्व क्षेत्र के 29 जिलों में ट्राइफेड, केन्द्रीय उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) के तहत हस्तशिल्प और हथकरघा विकास निगम (एनईएचएचडीसी) और राज्य प्रशासन की टीमें उत्तर-पूर्व क्षेत्र का दौरा करेंगी। इसका उद्देश्य एक बार फिर कारीगरों तक पहुंच बनाना और न केवल राष्ट्र को बल्कि पूरी दुनिया को जनजातीय सांस्कृतिक समृद्धि और विरासत से रू-ब-रू कराना है।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने 18 अप्रैल, 2023 को मणिपुर में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की अनुसूचित जनजातियों के लाभ के लिए केंद्रीय क्षेत्र योजना ‘उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विपणन और लॉजिस्टिक विकास (पीटीपी-एनईआर)’ का शुभारंभ किया। इस योजना को उसी दिन ट्राइफेड ने शुरू किया, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से जनजातीय कारीगरों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर और उनके उत्पादों को प्रभावी विपणन तथा आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से बाजारों तक पहुंच प्रदान करके उनकी आजीविका के अवसरों को मजबूत करना और उन्हें बढ़ावा देना था।

योजना के पहले चरण (पीटीपी-एनईआर 1.0) में, आठ राज्यों को शामिल किया गया और राज्य प्रशासन की मदद से ट्राइफेड और एनईएचएचडीसी की टीमों ने 38 जिलों का दौरा किया। इन टीमों ने अप्रैल-मई, 2023 में 64 जनजातीय कारीगर पैनल मेलों (टीएईएम) का आयोजन किया। इस पहल के साथ, ट्राइफेड ने 44 जनजातियों के 2526 कारीगरों तक पहुंच बनाई, उनमें से 1056 को पैनल में शामिल किया और प्रशिक्षण के लिए 1465 की पहचान की। इस मेले में कपड़ा, वन उपज, बांस की वस्तुएं, आभूषण, मिट्टी के बर्तन, पेंटिंग इत्यादि के बेहतरीन 3115 उत्पाद खरीदे गए।

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