झारखण्ड में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन-यूपीए विधायकों की आज रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर बैठक हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लाभ के पद मामले में राज्यपाल रमेश बैस के फैसला लिए जाने की संभावना के बीच सत्तारूढ़ विधायकों की यह तीसरी बैठक थी। इस बीच, यूपीए विधायकों को छत्तीसगढ़ भेजने की तैयारी चल रही है। सत्तारूढ़ खेमा, गठबंधन के सभी विधायकों को एकजुट रखने के प्रयास में लगा है।
इससे पहले, निर्वाचन आयोग ने लाभ के पद मामले में अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी थी। आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि निर्वाचन आयोग की सिफारिश की प्रति राजभवन पहुंच गई है।
इस वर्ष फरवरी में भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री सोरेन के लाभ के पद पर रहते हुए खनन मंत्री के रूप में खनन पट्टों के आवंटन को जन-प्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन बताते हुए राज्यपाल से शिकायत की थी। पार्टी ने मुख्यमंत्री सोरेन को विधायक के रूप में अयोग्य ठहराने की मांग की थी।