गृह मंत्री अमित शाह ने आज जम्मू कश्मीर के लिए नई केन्द्रीय क्षेत्र योजना के अंतर्गत वेब पोर्टल के पंजीकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अमित शाह ने कहा यह जम्मू कश्मीर में निवेश और व्यापारिक विकास का नया सवेरा है और आशा है कि यहां अब पचास हजार करोड़ रूपये से अधिक का निवेश होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद, अब केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर विकास, शांति और समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर है। अमित शाह ने कहा कि केन्द्र शासित प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने से जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल की शुरूआत और केन्द्रीय क्षेत्र की योजनाएं ऐतिहासिक हैं और इस व्यवस्था से व्यापार सुगमता में और सुधार होगा तथा समग्र पारदर्शिता आयेगी। उन्होंने यह भी कहा कि निवेश के शुरूआत की श्रृंखला शुरू होने से, इसके आस-पास अन्य गतिविधियां शुरू होंगी और संपूर्ण पारिस्थितिकी का विकास होगा। पीयूष गोयल ने कहा कि इस योजना से न केवल लाखों लोगों को कामकाज के अवसर मिलेंगे, बल्कि कृषि, पशुपालन, मछली पालन और हस्तकला जैसे अन्य क्षेत्रों को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को आत्मनिर्भर, विकसित और सशक्त बनाएगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह, गृह राज्यमंत्री नित्यानन्द राय, वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश तथा अनुप्रिया पटेल मौजूद थीं। केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी इस समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित रहे।
इस ऑनलाइन पोर्टल का डिजाइन और विकास योजना का पारदर्शी तरीके से प्रभावी कार्यान्वयन और व्यापार सुगमता के लिए किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत पंजीकरण के आवेदन, दावों की प्रस्तुति और विभाग में इनसे संबंधित प्रक्रिया में कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा।
अब तक की सबसे बडी औद्योगिक योजना की शुरुआत से जम्मू-कश्मीर की वर्तमान औद्योगिक पारिस्थितिकी में बदलाव आएगा ताकि अन्य प्रमुख औद्योगिक विकसित राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के साथ स्पर्धा और योजना के अंतर्गत पात्र इकाइयों का पंजीकरण किया जा सके।
योजना का उद्देश्य उद्योग और सेवाओं को नया बल देकर जम्मू-कश्मीर का विकास करना है। इसके अलावा नए निवेश को आकर्षित कर रोजगार सृजन, कौशल विकास और सतत विकास को गति दी जा सके।
योजना से वर्तमान इकाइयों में पहले से अप्रत्यक्ष रूप से कार्यरत लगभत 35 हजार लोगों को रोजगार देने में मदद मिलेगी। केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में लगभग 12 सौ औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए लगभग 12 हजार करोड रुपए का अतिरिक्त निवेश होने की आशा है।