केन्‍द्र शासित प्रदेश लद्दाख कार्बन उत्‍सर्जन समाप्‍त करने के संबंध में कार्बन न्‍यूट्रेलिटी हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा

केन्‍द्र शासित प्रदेश लद्दाख कार्बन उत्‍सर्जन समाप्‍त करने के संबंध में कार्बन न्‍यूट्रेलिटी हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। लद्दाख, लेह पर्वतीय परिषद और राष्‍ट्रीय विद्युत ताप निगम-एनटीपीसी ने लेह में पायलट परियोजना के तहत एक दशमलव दो-पांच मेगावाट ग्रीन हाइड्रोजन उत्‍पादन संयंत्र लगाने के लिए त्रिपक्षीय समझौते पर हस्‍ताक्षर किए हैं।

पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य लद्दाख को कार्बन मुक्त अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना और लेह को शून्य उत्सर्जन के साथ ग्रीन हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी आधारित मोबिलिटी वाला देश का पहला शहर बनाना है। यूटी प्रशासन क्षेत्र में कार्बन तटस्थता की दिशा में भूतापीय, सौर, पवन और सूक्ष्म जल क्षेत्रों जैसी विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है। लेह हिल काउंसिल से ताशी ग्याल्टसन, यूटी पावर और एनआरई सचिव रविंदर कुमार, एनटीपीसी- आरईएल के सीईओ मोहित भार्गव ने लेह में पायलट प्रोजेक्ट के लिए लेफ्टिनेंट गवर्नर आर के माथुर की उपस्थिति में त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। इससे पहले, आर के माथुर ने एनटीपीसी अक्षय ऊर्जा द्वारा यूटी सिविल सचिवालय में स्थापित दो सौर वृक्षों का उद्घाटन किया।

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