केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निर्यात ऋण गारंटी निगम लिमिटेड को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निर्यात ऋण गारंटी निगम लिमिटेड को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने मेसर्स निर्यात ऋण गारंटी निगम लिमिटेड (ईसीजीसी), जो एक गैर-सूचीबद्ध सीपीएसई है, को सेबी (पूंजी निर्गम और प्रकटीकरण आवश्यकताएं) विनियम, 2018 के तहत आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी दे दी है।

ईसीजीसी लिमिटेड; भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाला सीपीएसई है, जिसकी स्थापना, निर्यात के लिए ऋण जोखिम बीमा और संबंधित सेवाएं प्रदान करके निर्यात की प्रतिस्पर्धा में सुधार लाने के उद्देश्य से की गई है। कंपनी ने अधिकतम देनदारियों (एमएल) को वर्तमान के 1.00 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2025-26 तक 2.03 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

ईसीजीसी लिमिटेड के सूचीबद्ध होने से, कंपनी के वास्तविक मूल्य का निर्धारण होगा, कंपनी की इक्विटी हिस्सेदारी में सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहन देने से ‘लोगों के स्वामित्व’ को बढ़ावा मिलेगा तथा पारदर्शिता और अधिक जवाबदेही के माध्यम से कॉर्पोरेट शासन को भी बढ़ावा मिलेगा।

सूचीबद्ध होने से ईसीजीसी, बाजार से या उसी आईपीओ के माध्यम से या बाद में फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) के माध्यम से नई पूंजी जुटाने में सक्षम हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी को अधिकतम देयता कवर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

विनिवेश से प्राप्त राशि का उपयोग सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा।

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